नॉर्वे बनाम फ्रांस: बोस्टन में ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में हालैंड और एम्बाप्पे आमने-सामने
गिलेट स्टेडियम में नॉर्वे और फ्रांस के बीच ग्रुप का आखिरी और रोमांचक मुकाबला होगा। दोनों टीमें तीन-तीन जीत के साथ शानदार फॉर्म में हैं और नॉकआउट दौर से पहले पूरे जोश में नजर आ रही हैं।
गिलेट स्टेडियम में माहौल पूरी तरह गर्म है, जहां शुक्रवार को नॉर्वे और फ्रांस अपने ग्रुप का आखिरी मुकाबला खेलेंगे। बोस्टन में किक-ऑफ दोपहर 3 बजे (लंदन समय रात 8 बजे, मॉस्को समय रात 10 बजे) होगा। दोनों टीमें बेहतरीन फॉर्म में हैं, इस वर्ल्ड कप के सबसे चर्चित आक्रमण इन्हीं के पास हैं, और यह मुकाबला अब किसी सामान्य तीसरे दौर के मैच से कहीं बड़ा लगने लगा है।
फ्रांस इस मैच में बेहतर फॉर्म वाली टीम के रूप में उतरेगी। टीम लगातार तीन मैच जीत चुकी है और टूर्नामेंट की शुरुआत से ही लय में दिख रही है। डिडिएर डेसचैम्प्स की टीम ने इराक को 3-0 से हराया और सेनेगल को 3-1 से मात दी, जहां उसने खुलकर गोल किए और बेहद कम गोल खाए। काइलियन एम्बाप्पे और ऑस्मान डेम्बेले पलटवार में विरोधियों के लिए बड़ा सिरदर्द बने हुए हैं। पिछले छह महीनों में फ्रांस ने छह में से पांच मैच जीते हैं और प्रति मैच औसतन ढाई गोल किए हैं, और टीम के भीतर खिताब तक पहुंचने का आत्मविश्वास साफ झलकता है।
लेकिन नॉर्वे अब कमजोर दावेदार नहीं रही। एर्लिंग हालैंड और मार्टिन ओडेगार्ड की अगुवाई में यह टीम आत्मविश्वास से भरी है। नॉर्वे ने एक रोमांचक मुकाबले में सेनेगल को 3-2 से हराया और इराक को 4-1 से रौंदा। लगातार दो जीत ने टीम का हौसला बढ़ाया है, और एलेक्जेंडर शॉर्लॉथ व तेज-तर्रार एंटोनियो नूसा के जुड़ने से यह शायद एक पीढ़ी का सबसे खतरनाक नॉर्वेजियन आक्रमण है।
मुकाबले की कहानी अपने आप बन जाती है: हालैंड के सामने डायोट उपामेकानो और इब्राहिमा कोनाते की फ्रेंच रक्षापंक्ति, और एम्बाप्पे की चुनौती के सामने वह नॉर्वेजियन डिफेंस जो कई बार कमजोर साबित हुआ है। दोनों टीमें तेजी से आगे खेलना पसंद करती हैं, इसलिए मिडफील्ड की जंग अहम होगी, जहां ओडेगार्ड का सामना ओरेलियन चुआमेनी और एनगोलो कांते से होगा। यही तय करेगा कि क्या यह मैच फॉर्म के मुताबिक खुला और गोलों से भरा मुकाबला बनता है।
नॉर्वे के लिए मकसद बिल्कुल साफ है। बड़े टूर्नामेंट की रातों के लिए लंबे समय से तरस रहे इस देश के पास टूर्नामेंट से पहले की पसंदीदा टीम के खिलाफ अपनी ताकत दिखाने और नॉकआउट दौर में अपनी जगह पक्की करने का मौका है। वहीं फ्रांस के लिए यह अपना दबदबा कायम रखने और उस लय को बनाए रखने की बात है, जिसने उसे इतना मजबूत बनाया है।
मैदान पर शोर, हौसला और दो ऐसे कोच देखने को मिलेंगे जो रक्षात्मक खेल खेलने को तैयार नहीं हैं। इतनी आक्रामक प्रतिभा और ग्रुप का फैसला अभी बाकी होने के साथ, दोनों ओर के समर्थकों के पास घबराहट और रोमांच दोनों महसूस करने की पूरी वजह है।
Sport AI इस पूरे मुकाबले पर पेशेवर फुटबॉल विश्लेषण और मैच प्रीव्यू के साथ नजर बनाए रखेगा।